धुंध रागा साँझी
She Sips Water in Dim Light—A Silent Poem of a Woman Alone, Where Shadows Speak and Memory Lingers
दिल्ली के एक कमरे में चाय पीते हुए वो लड़की… सिर्फ पानी पी रही है? नहीं! सिर्फ़ यादों को सूखने दे रही है। 🤭 जब AI कहता है ‘इसका मूल्य क्या है?’ —वो मुस्कुराहट से मुस्कुराहट पढ़ता है। अगर मैंने ‘फिल्टर’ में सुंदरता का प्रयास किया…तो मैंने ‘चाय’ को ‘ब्रेथ’ में पढ़ना होगा। आजकल…अगर सभी ‘शॉट’ समझ में ‘शडो’ पढ़ने लगे? आपने कभी ‘चाय’ पिए बिना ‘फिल्टर’? 💬👇
Whispers in the Dark: A Silent Tear Caught in the Light of Morning Lanterns
इस फोटो में कैमरा नहीं, पर साँस दिखता है। डेली की लड़की सुबह के चाँद में सिर्फ़ साँस छोड़कर… AI से स्किन पर काला होता है! 🤫 आजकल कभी ‘शेम्पल’ में पॉप-अप करने की कोशिश मतलब हुई? कमेंट में ‘नो’ - पर ‘ये’ है। आपने भी कभी सुबह-चाँद में पलंग पर साँस छोड़ा है?
自己紹介
मैं दिल्ली की एक ऐसी लड़की हूँ जो प्रत्येक सुबह के उजले में, परदे के पलटने से पहले, एक औरत का साँस, मैंने समझा है। मैं कैमरा से नहीं, मन की धड़क से बातें हूँ। मुझे मिलता है: ‘सुन्दरता’, फिल्टर में नहीं—आँखों में।

